अज्ञात एलर्जी में पूरे शरीर में खुजली और त्वचा की लालिमा का उपचार
सबसे पहले यह निर्धारित करना आवश्यक है कि यह एनाफिलेक्सिस (गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया) है या केवल त्वचा की हल्की एलर्जिक प्रतिक्रिया - यदि सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट, चक्कर आना, या रक्तचाप में गिरावट के लक्षण हैं तो तुरंत इंट्रामस्क्युलर एपिनेफ्रीन (0.01 mg/kg, अधिकतम 0.3-0.5 mg) जांघ के बाहरी हिस्से में देना चाहिए 1, 2।
गंभीरता का आकलन (तुरंत करें)
निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण हो तो यह एनाफिलेक्सिस है:
- श्वसन संबंधी समस्याएं: सांस लेने में कठिनाई, घरघराहट, गले में जकड़न, स्ट्राइडर
- रक्तचाप में गिरावट: चक्कर आना, बेहोशी, कमजोरी
- गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण: लगातार उल्टी, पेट में दर्द 1, 2
यदि केवल त्वचा के लक्षण हैं (खुजली और लालिमा) बिना उपरोक्त लक्षणों के, तो यह हल्की एलर्जिक प्रतिक्रिया है।
उपचार प्रोटोकॉल
गंभीर प्रतिक्रिया (एनाफिलेक्सिस) के लिए:
तुरंत एपिनेफ्रीन IM - जांघ के बाहरी हिस्से (vastus lateralis) में 1, 2
- बच्चों में: 0.01 mg/kg (अधिकतम 0.3 mg)
- किशोर/वयस्क: 0.3-0.5 mg
- 5-15 मिनट बाद दोहराया जा सकता है यदि सुधार न हो
तुरंत अस्पताल भेजें - 4-6 घंटे या अधिक समय तक निगरानी आवश्यक 3
सहायक उपचार (एपिनेफ्रीन के साथ, उसके बदले नहीं):
महत्वपूर्ण चेतावनी: एंटीहिस्टामाइन एनाफिलेक्सिस में प्राथमिक उपचार नहीं हैं - वे केवल खुजली और पित्ती को कम करते हैं, लेकिन सांस की तकलीफ या शॉक को नहीं 4, 3।
हल्की प्रतिक्रिया (केवल त्वचा के लक्षण) के लिए:
नॉन-सेडेटिंग एंटीहिस्टामाइन (पहली पंक्ति का उपचार):
निगरानी रखें - यदि लक्षण बढ़ें (सांस की तकलीफ, चक्कर) तो तुरंत एपिनेफ्रीन दें 3, 4
बचें:
त्वचा की देखभाल:
सामान्य गलतियां जिनसे बचें:
- एनाफिलेक्सिस में केवल एंटीहिस्टामाइन देना - यह जानलेवा हो सकता है 4, 3
- एपिनेफ्रीन देने में देरी - यह मृत्यु दर बढ़ाती है 1, 2
- सिस्टेमिक स्टेरॉयड को प्राथमिक उपचार मानना - इनका प्रभाव 4-6 घंटे बाद शुरू होता है 3
- बुजुर्गों में सेडेटिंग एंटीहिस्टामाइन देना - इससे बचना चाहिए 5