प्रोटीन कम करने वाली दवाएं जो क्रिएटिनिन नहीं बढ़ातीं
हाइपरटेंसिव मरीजों में प्रोटीनुरिया कम करने के लिए ACE inhibitors (जैसे कैप्टोप्रिल, लिसिनोप्रिल) या ARBs (जैसे टेल्मिसार्टन, कैंडेसार्टन) सबसे प्रभावी दवाएं हैं, और इनसे क्रिएटिनिन में 30% तक की शुरुआती बढ़ोतरी स्वीकार्य है क्योंकि यह हेमोडायनामिक प्रभाव है और लंबे समय में किडनी को सुरक्षा प्रदान करती है। 1, 2
प्राथमिक उपचार विकल्प
ACE Inhibitors और ARBs - पहली पसंद
ACE inhibitors (कैप्टोप्रिल, लिसिनोप्रिल, रैमिप्रिल) या ARBs (टेल्मिसार्टन, कैंडेसार्टन, इर्बेसार्टन) को अधिकतम सहनीय खुराक तक बढ़ाना चाहिए क्योंकि ये ब्लड प्रेशर से स्वतंत्र रूप से प्रोटीनुरिया कम करते हैं। 1
टेल्मिसार्टन विशेष रूप से प्रभावी है: मानक खुराक 80 mg दिन में एक बार, लेकिन जिद्दी प्रोटीनुरिया (>500 mg/दिन) में 80 mg दिन में दो बार देने से बेहतर परिणाम मिलते हैं और क्रिएटिनिन क्लीयरेंस में सुधार होता है (+7 mL/min)। 2
ब्लड प्रेशर का लक्ष्य <130/80 mm Hg रखें प्रोटीनुरिया वाले मरीजों में। 1, 2
क्रिएटिनिन बढ़ने की चिंता को समझें
शुरुआती 4 हफ्तों में क्रिएटिनिन में 30% तक की बढ़ोतरी सामान्य और स्वीकार्य है - यह दवा का हेमोडायनामिक प्रभाव है, किडनी को नुकसान नहीं। 1, 2
दवा बंद करें या खुराक कम करें केवल तब जब:
सबसे आम कारण जो क्रिएटिनिन बढ़ाता है वह है डाययूरेटिक से शरीर में पानी की कमी - इसलिए वॉल्यूम स्टेटस की जांच करें और जरूरत पड़ने पर डाययूरेटिक की खुराक एडजस्ट करें। 1
संयोजन चिकित्सा (Combination Therapy)
दोहरी RAS Blockade
ACE inhibitor + ARB का संयोजन प्रोटीनुरिया को और अधिक कम करता है जब एक दवा से पर्याप्त नियंत्रण न हो। 3, 4, 5
- कैंडेसार्टन 8 mg + ACE inhibitor का संयोजन प्रोटीनुरिया को 2.4 g/दिन से 2.0 g/दिन तक कम करता है बिना GFR में गिरावट के। 3
- यह संयोजन नॉर्मोटेंसिव मरीजों में भी सुरक्षित और प्रभावी है। 3, 5
- सावधानी: पोटैशियम और क्रिएटिनिन की बार-बार जांच करें (2-4 हफ्ते में)। 1, 2
अन्य प्रभावी संयोजन
Non-dihydropyridine calcium channel blockers (डिल्टियाज़ेम या वेरापामिल) को ACE inhibitor/ARB के साथ जोड़ा जा सकता है:
- डिल्टियाज़ेम प्रोटीनुरिया कम करता है, विशेषकर जब प्रोटीनुरिया >300 mg/दिन हो। 6, 7
- महत्वपूर्ण: Dihydropyridine calcium channel blockers (एम्लोडिपिन, निफेडिपिन) को अकेले नहीं देना चाहिए क्योंकि ये प्रोटीनुरिया बढ़ा सकते हैं। 2
Mineralocorticoid receptor antagonists (स्पिरोनोलैक्टोन, एप्लेरेनोन, फाइनरेनोन):
- ये प्रोटीनुरिया को >35% तक कम करते हैं। 8
- फाइनरेनोन टाइप-2 डायबिटीज़ में CKD progression का खतरा कम करता है। 8
- सावधानी: हाइपरकलेमिया का खतरा, खासकर ACE inhibitor/ARB के साथ। 1
डाययूरेटिक्स की भूमिका
थियाज़ाइड और थियाज़ाइड-जैसी डाययूरेटिक्स (इंडापामाइड, क्लोरथैलिडोन) प्रोटीनुरिया को >35% तक कम करती हैं:
नमक का सेवन <2 ग्राम/दिन रखें - यह RAS blockers की प्रभावशीलता बढ़ाता है। 1
मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल
- 2-4 हफ्ते में: क्रिएटिनिन और पोटैशियम की जांच 1, 2
- नियमित रूप से: यूरिन प्रोटीन/एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो 9
- मरीज को सलाह दें: बीमारी, उल्टी, दस्त या डिहाइड्रेशन के दौरान ACE inhibitor/ARB और डाययूरेटिक अस्थायी रूप से बंद करें। 1
विशेष परिस्थितियां
डायबिटिक किडनी डिजीज़ में:
- ACE inhibitors/ARBs पहली पसंद हैं। 1, 10
- SGLT2 inhibitors (जैसे एम्पाग्लिफ्लोज़िन, डैपाग्लिफ्लोज़िन) को जोड़ने से अतिरिक्त रीनोप्रोटेक्शन मिलता है। 9, 8
नॉन-डायबिटिक किडनी डिजीज़ में:
- ACE inhibitors/ARBs समान रूप से प्रभावी हैं। 1, 2
- संयोजन चिकित्सा पर विचार करें यदि प्रोटीनुरिया >1 g/दिन बना रहे। 1, 7
सामान्य गलतियों से बचें
- क्रिएटिनिन में मामूली बढ़ोतरी देखकर दवा बंद न करें - 30% तक स्वीकार्य है। 1
- Dihydropyridine calcium channel blockers को RAS blocker के बिना न दें प्रोटीनुरिया वाले मरीजों में। 2
- वॉल्यूम डिप्लीशन की जांच करें अगर क्रिएटिनिन अचानक बढ़े। 1
- एक ही दवा से संतुष्ट न हों - अधिकतर मरीजों को 3-4 दवाओं की जरूरत होती है लक्ष्य तक पहुंचने के लिए। 1