कुष्ठ रोग का उपचार कितने दिन चलता है
पॉसीबैसिलरी (PB) कुष्ठ रोग के लिए 6 महीने और मल्टीबैसिलरी (MB) कुष्ठ रोग के लिए 12 महीने का मल्टीड्रग थेरेपी (MDT) WHO द्वारा अनुशंसित मानक उपचार अवधि है 1, 2, 3।
उपचार की अवधि रोग के प्रकार पर निर्भर करती है:
पॉसीबैसिलरी (PB) कुष्ठ रोग:
- कुल अवधि: 6 महीने 4, 1, 2
- दवाएं: डैप्सोन और रिफैम्पिसिन का संयोजन
- यह उन मरीजों के लिए है जिनमें बैक्टीरिया का भार कम होता है (5 या उससे कम घाव)
मल्टीबैसिलरी (MB) कुष्ठ रोग:
- कुल अवधि: 12 महीने 1, 2, 3
- दवाएं: डैप्सोन, रिफैम्पिसिन और क्लोफाज़िमिन का संयोजन
- यह उन मरीजों के लिए है जिनमें बैक्टीरिया का भार अधिक होता है (6 या अधिक घाव)
महत्वपूर्ण बिंदु:
फिक्स्ड ड्यूरेशन MDT का मतलब है कि उपचार एक निश्चित अवधि के लिए दिया जाता है, चाहे त्वचा के घाव पूरी तरह से साफ हो गए हों या नहीं 4। यह 1982 से WHO द्वारा अनुशंसित मानक प्रोटोकॉल है 1, 2।
विशेष परिस्थितियां:
उच्च बैक्टीरियल लोड वाले मामलों में: कुछ लेप्रोमेटस (LL) या बॉर्डरलाइन लेप्रोमेटस (BL) मरीजों में, जिनमें बैक्टीरियल इंडेक्स बहुत अधिक है (3+ से 4+), 12 महीने के उपचार के बाद भी जीवित बैक्टीरिया मौजूद रह सकते हैं 5
ऐसे मामलों में ओफ्लोक्सासिन जोड़ना: मानक MDT के साथ ओफ्लोक्सासिन जोड़ने से बैक्टीरिया की सफाई तेज हो सकती है। 6 महीने में मॉर्फोलॉजिकल इंडेक्स शून्य तक गिर सकता है 6
सावधानियां:
- उपचार नियमित रूप से लेना अत्यंत आवश्यक है - अधूरा या बाधित उपचार दवा प्रतिरोध का कारण बन सकता है 1, 2
- सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर MDT ब्लिस्टर कैलेंडर पैक के रूप में मुफ्त उपलब्ध है 2
- उपचार पूरा होने के बाद भी कुछ मरीजों में अवशिष्ट पैच रह सकते हैं (76.7% मामलों में), लेकिन यह सक्रिय रोग का संकेत नहीं है 4
यह उपचार अत्यधिक प्रभावी, सुरक्षित और अच्छी तरह से सहन किया जाने वाला है 4, 3। 1980 के दशक से इसके व्यापक उपयोग ने नए मामलों की संख्या में 90% से अधिक की कमी लाई है 3।