Chronic Perineal Symptoms with Food-Triggered Urinary Burning: Likely Diagnosis and Treatment
आपकी समस्या संभवतः क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस/क्रोनिक पेल्विक पेन सिंड्रोम (CP/CPPS) है, जो मसालेदार भोजन से बढ़ जाती है, और इसके साथ फंगल या बैक्टीरियल स्क्रोटल डर्मेटाइटिस हो सकता है। UTI की दवाइयों से आराम न मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि यह साधारण मूत्र संक्रमण नहीं है।
मुख्य निदान की संभावनाएं
प्राथमिक कारण: क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस/पेल्विक पेन सिंड्रोम
- मसालेदार भोजन से जलन का बढ़ना क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस का विशिष्ट लक्षण है, क्योंकि मसाले मूत्रमार्ग और प्रोस्टेट को उत्तेजित करते हैं 1
- पेशाब करने में 40 मिनट से 1.5 घंटे लगना पेल्विक फ्लोर मसल्स की ऐंठन या प्रोस्टेट की सूजन का संकेत है 1
- UTI की एंटीबायोटिक्स से आराम न मिलना नॉन-बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस की ओर इशारा करता है, जो बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस से अधिक आम है 1
द्वितीयक समस्या: स्क्रोटल और एनल डर्मेटाइटिस
- स्क्रोटल खुजली जो टॉपिकल पाउडर से ठीक नहीं हुई, यह फंगल इन्फेक्शन (टिनिया क्रूरिस), कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, या लाइकेन स्क्लेरोसस हो सकती है 2
- एनल खुजली के साथ स्क्रोटल खुजली पेरिनियल डर्मेटाइटिस या फंगल इन्फेक्शन का संकेत है 2
- नमी और पसीना इस क्षेत्र में फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन को बढ़ावा देते हैं 2
आवश्यक जांचें
तुरंत करवाने योग्य परीक्षण
- यूरिन कल्चर और सेंसिटिविटी - साधारण यूरिनालिसिस पर्याप्त नहीं है; 10³ CFU/mL से अधिक बैक्टीरिया की उपस्थिति देखें 3, 4
- प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) और डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन - प्रोस्टेट की सूजन या कठोरता की जांच 1
- स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड विद कलर डॉप्लर - एपिडिडाइमिटिस, ऑर्काइटिस, या अन्य संरचनात्मक समस्याओं को रूल आउट करने के लिए 5
- स्क्रोटल और एनल क्षेत्र की KOH माउंट और फंगल कल्चर - फंगल इन्फेक्शन की पुष्टि के लिए 2
यदि प्रारंभिक जांचें सामान्य हों
- सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (STI) स्क्रीनिंग - क्लैमाइडिया, गोनोरिया, माइकोप्लाज्मा जेनिटेलियम के लिए NAAT टेस्ट 2
- डायबिटीज स्क्रीनिंग - HbA1c और फास्टिंग ग्लूकोज, क्योंकि डायबिटीज पेरिनियल इन्फेक्शन को बढ़ाती है 2
- स्किन बायोप्सी - यदि स्क्रोटल खुजली लगातार बनी रहे और लाइकेन स्क्लेरोसस का संदेह हो 2
उपचार योजना
क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस/पेल्विक पेन के लिए
फ्लोरोक्विनोलोन थेरेपी (यदि बैक्टीरियल कारण संभव हो): लेवोफ्लॉक्सासिन 500 mg दिन में एक बार 6-12 सप्ताह तक 1
अल्फा-ब्लॉकर्स (जैसे टैमसुलोसिन 0.4 mg रोज रात को) - पेशाब की कठिनाई और पेल्विक मसल्स की ऐंठन कम करने के लिए 1
NSAIDs (जैसे इबुप्रोफेन 400 mg दिन में तीन बार) - दर्द और सूजन कम करने के लिए 1
आहार संशोधन: मसालेदार भोजन, कैफीन, अल्कोहल, और एसिडिक खाद्य पदार्थों से परहेज 1
स्क्रोटल और एनल खुजली के लिए
प्रथम-लाइन उपचार (फंगल इन्फेक्शन के लिए):
- टॉपिकल एंटीफंगल क्रीम: क्लोट्रिमेजोल 1% या माइकोनाजोल 2% दिन में दो बार 2-4 सप्ताह तक 2
- यदि व्यापक या गंभीर हो: ओरल एंटीफंगल - फ्लुकोनाजोल 150 mg साप्ताहिक 2-4 सप्ताह 2
यदि फंगल उपचार से सुधार न हो:
- टॉपिकल कॉर्टिकोस्टेरॉइड: हाइड्रोकॉर्टिसोन 1% या बीटामेथासोन 0.05% दिन में दो बार 2 सप्ताह तक 2
- एंटीहिस्टामाइन: सेटिरिज़िन 10 mg रात को खुजली कम करने के लिए 2
स्वच्छता उपाय:
- क्षेत्र को सूखा रखें; सूती अंडरवियर पहनें 2
- हल्के, बिना खुशबू वाले साबुन का उपयोग करें 2
- पाउडर की जगह बैरियर क्रीम (जैसे जिंक ऑक्साइड) का उपयोग करें 2
सामान्य गलतियां जिनसे बचें
- केवल शॉर्ट-कोर्स एंटीबायोटिक्स देना: क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस को 6-12 सप्ताह के उपचार की आवश्यकता होती है 1
- यूरिन कल्चर के बिना बार-बार एंटीबायोटिक्स देना: यह रेजिस्टेंस बढ़ाता है और असली कारण छिपा देता है 4
- केवल टॉपिकल पाउडर पर निर्भर रहना: पाउडर नमी को अवशोषित नहीं करते और फंगल इन्फेक्शन का इलाज नहीं करते 5
- लक्षणों में सुधार होने पर उपचार बंद करना: अधूरा उपचार रिलैप्स का कारण बनता है 1
तत्काल चिकित्सा सहायता कब लें
- बुखार, ठंड लगना, या गंभीर पेरिनियल दर्द - यह फोर्नियर गैंग्रीन या गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है 2
- पेशाब बिल्कुल न आना या खून आना - तुरंत मूत्र रोग विशेषज्ञ से मिलें 6
- स्क्रोटल सूजन जो 72 घंटे में बेहतर न हो - एपिडिडाइमिटिस या अन्य गंभीर स्थिति हो सकती है 5, 7
- त्वचा पर काले धब्बे, क्रेपिटस (त्वचा के नीचे हवा), या तेजी से फैलती लालिमा - नेक्रोटाइजिंग इन्फेक्शन का संकेत 2, 5